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Domain Name क्या होता है?


क्या आप भी अपने बिज़नेस को ऑनलाइन करना चाहते है और इंटरनेट के जरिये उसे देश विदेश में पहुँचाना चाहते है? तो आप बिलकुल सही जगह पर हो।  
क्युकि आज में आपको यही बताने वाला हु। यदि आप अपने बिज़नेस को ऑनलाइन करना चाहते हो उसके लिए आपको एक वेबसाइट की जरुरत पड़ती है 
और वेबसाइट को बनाने के लिए आपको खासकर दो चीजों की तो बिल्कुल जरुरत पड़ती है पहली है डोमेन और दूसरी है वेब-होस्टिंग

बहुत से लोगो को जानकारी नहीं होती है की आखिर "Domain name" क्या होता है। यदि आप भी उनमे से है जिन्हे नहीं पता की आखिर ये क्या होता है तो चिंता करने की कोई बात नहीं है।

आज की इस जानकारी को जानने के बाद आपकी डोमेन को लेकर सारी दुविधाएं समाप्त होने वाली है। तो चलिए शुरू करते है :- 

सबसे पहला सवाल ये उठता है कि आखिर डोमेन क्या होता है यदि एक शब्द में इसका उत्तर दू तो डोमेन आपकी वेबसाइट का नाम होता है। चलिए थोड़ा बारीकी से जानते है। उदाहरण के लिए कुछ वेबसाइट ले लेते है


जैसे rohitking.com/, youtube.com/, blogger.com/, google.com/

ये जो उदाहरण है वो Web-address है और यहाँ पर rohitking लिखा हुआ है जो वेबसाइट का डोमेन नाम है

Domain-name-system

जिस सिस्टम से आपके डोमेन नाम को ऑपरेट किया जाता है उसे डोमेन नाम सिस्टम [Domain name system] कहते है। इसे शार्ट में DNS भी कहते है यही आपके डोमेन से रिलेटेड जानकारी स्टोर रहती है  
जैसे उसका Ip address और भी कोई डोमेन से रिलेटेड जानकारी होती है वो भी यही स्टोर होती है। ठीक उसी तरह जैसे आपकी डिटेल्स [जैसे नाम, पता, मोबाइल नंबर etc.] जो आपके वोटर id कार्ड या आधार कार्ड में स्टोर होती है।

यदि हम और आप बड़ी आसानी से अपनी मनपसंद वेबसाइट को एक्सिस कर पाते है तो इसमें DNS का बहुत बड़ा योगदान होता है।

आप में बहुत से लोगो के मन में एक सवाल रहा होगा की क्या डोमेन नाम जरुरी होता है। क्या इसके बिना भी किसी वेबसाइट या किसी वेब पेज पर पंहुचा जा सकता है?
मैं आपको बता दू की शुरुआती दौर में "वेब एड्रेस" नहीं  होते थे और इसके स्थान पर IP address हुआ करते थे। जिसका अर्थ है Internet Protocol address.

किसी वेबसाइट या किसी वेबपेज पर कोई भी चीज यदि इंटरनेट से जुडी है तो सबके लिए IP एड्रेस होता है।

यदि अपनी आम भाषा के कहे तो ये ठीक उसी तरह होता है जैसे आपके शहर में आपका "पिन कोड" होता है  जैसे की हमको पता है कि 
यदि हम लोग किसी जगह को उसके पिन कोड से याद रखने की कोशिश करेंगे तो हमको बहुत सी प्रॉब्लम होगी लेकिन ठीक उसी जगह हम उसे नाम से याद रखेंगे तो हमे वह जल्दी याद हो जायेगा।

ठीक यही समस्या आती है किसी वेबसाइट या वेब पेज के IP एड्रेस को याद करने के लिए। IP एड्रेस 66.171.248.170, 47.8.251.130, 192.168.17.43, 135.58.24.17 कुछ ऐसे होते है। इसी लिए "डोमेन नाम" की खोज की गयी है।  
जिससे किसी वेबसाइट या वेब पेज के नाम हमे जल्दी से याद हो सके। इसका मतलब ये बिलकुल भी नहीं है की IP एड्रेस को खत्म कर दिया गया है आज भी उन सभी डिवाइस का IP address है जो इंटरनेट नेटवर्क से कनेक्टेड है। 

Ip एड्रेस इसीलिए होता है क्युकी आपका कंप्यूटर किसी नाम या भाषा को नहीं जानता है। वो सिर्फ  Ip एड्रेस को पढ़ पता है और इसमें उसकी मदद DNS करता है।

इसका यही काम होता है  जब आप किसी वेबसाइट का नाम अपने वेब ब्राउज़र में टाइप करते है तो वो उसे ip address में बदल देता है।

और डोमेन नाम के Name Server  के पास तक पहुँचता है। और आपको इंटरनेट आपको आपके द्वारा सर्च की गयी चीजे दिखता है। 

अब आप ये सोच रहे होंगे की आखिर ये "Name Server" क्या होता है? हम आपको बताते है

नाम सर्वर वही होते है जिस कंपनी से आप डोमेन खरीदते है जैसे:- Godaddy, Bigrock, Hostgator आदि। चलिए अपनी वेबसाइट एनालाइज़ करते है। 

जैसे एक web address ले लेते है:- https://www.rohitking.com/


प्रश्न:- इसके सबसे आगे https लगा हुआ है। आखिर ये क्या होता है?

उत्तर:- Internet पर हर वेबपेज के लिए एक protocol होता है। protocol, नियमो का एक बंडल होता है जिसे हर "web-address" को फॉलो करना होता है 

प्रोटोकॉल दो तरह के होते है: 

1) HyperText Transfer Protocol (HTTP)
2) HyperText Transfer Protocol Secure (HTTPS)

आज कल https का ज्यादा उपयोग हो रहा है। ये हमारी इनफार्मेशन और प्राइवेसी को सिक्योर रखता है https हर एक वेबसाइट को लेना जरुरी होता है ये

SSL Certificate से मिलता है। 

उसके बाद WWW लिखा हुआ है जिसका मतलब World wide web होता है ये हमारे url का sub-domain होता है

उसके बाद rohitking.com लिखा हुआ है ये domain name है इसके भी दो पार्ट होते है

1) rohitking - जो की वेबसाइट का नाम है

2) .com - ये extension है 

ये दोनों मिलकर एक यूनिक नाम बनाते है यदि आपने किसी नाम से डोमेन नाम रजिस्टर्ड करवा लिया तो पूरी दुनिया में उस नाम से कोई दूसरा रेसिस्टर नहीं करवा सकता है  
लेकिन कोई दूसरा एक्सटेंशन को बदलकर नाम रेसिस्टर करवा सकता है। जैसे .com की जगह .in .net .org .io लगाकर रेसिस्टर करवा सकते है। एक्सटेंशन के भी अलग अलग प्रकार के होते है 
 

Types of domain


Types-of-domain

जब आप अपने व्यवसाय, ब्लॉग या पोर्टफोलियो के लिए वेबसाइट बनाना चाहते है तो आपको कुछ चीजे जरूर खोजने की जरुरत होती है सबसे पहले अपनी जरुरत के अनुसार एक अच्छा सा डोमेन चुने।

एक अच्छा डोमेन कैसे चुने

एक अच्छा डोमेन चुनने के लिए आपको कुछ बाते अपने दिमाग में जरूर रखनी चाहिए जैसे डोमेन का नाम हमेशा ऐसा रखे जो आपके यूजर को याद रहे और उसे पहचानने और याद रखने में भी कोई प्रॉब्लम न हो। उसमे गलती न हो जैसे:- Misspellings, numbers or hyphens आदि न हो।
हमेशा एक एक ऐसा नाम चुने जो एक ब्रांड बनने के लायक हो और जो लोगो के बीच आसानी से प्रसिध्द हो जाये।
सबसे अंतिम टिप्स ये है कि एक अच्छी एक्सटेंशन को चुने जो आपके बिज़नेस, ब्लॉग के हिसाब से एक दम परफेक्ट हो। डोमेन चुनने के बाद हमेशा आप .com एक्सटेंशन को पहली महत्वता दे यदि उसका .com एक्सटेंशन मौजूद नहीं है
तो आप कंट्री वाइज एक्सटेंशन भी चुन सकते है जैसे भारत की कंट्री वाइज एक्सटेंशन .in है वही यूनाइटेड स्टेट्स की एक्सटेंशन .us है।   
यदि कंट्री वाइज एक्सटेंशन भी मौजूद नहीं है तो आप .net .io .co .info .xyz .ly भी चुन सकते है। लेकिन याद रहे कि पहली महत्वता .com एक्सटेंशन को ही दे। ये भी कुछ प्रसिध्द एक्सटेंशन है। .in .net .org .io .co .us .gov .info .xyz .ly

Domain Names को basically 4 Parts में divide किया गया है। जो है,

1) Top-Level Domain

2) Second Level Domain

3) Third Level Domain

4) Subdomain

Top-level domain


Top-level Domains को DNS में सबसे ज्यादा value दी गयी है। इनने सबसे best माना गया है इन्हे भी तीन भागो में बाटा जाता है

1) ccTLD (Country code Top Level Domain)

2) gTLD (Generic Top Level Domain)

3) IDN ccTLD – (internationalized country code top-level domains)

1. ccTLD (Country code Top Level Domain)


Country code Top-Level-Domain किसी dedicated country को target करने के लिए बनाए गए है जैसे इंडिया के लिए .in,यूनाइटेड स्टेट्स के लिए  .uk, यूनाइटेड स्टेट्स के लिए.us 


List of Internet top Level Domains 



.br        brazil

.au       Australia

.bd       Bangladesh

.bt         Bhutan

.ca       Canada

.de       Germany

.eg       Egypt

.fr         France

.ge         Georgia

.hk         Hong Kong

.id          Indonesia

.in          India

.iq          Iraq

.ir          Iran

.it          Italy

.jp         Japan

.ke        Kenya

.kp        North Korea

.kr         South Korea

.lk         Sri Lanka

.ma       Morocco

.mm      Myanmar

.nl         Netherlands

.ng       Nigeria

.no       Norway

.nr       Nauru

.nz       New Zealand

.om       Oman

.pa       Panama

.pe       Peru

.pk       Pakistan

.ph       Philippines

.pl        Poland

.pt        Portugal

.qa       Qatar

.pw      Palau

.ru       Russia

.sa       Saudi Arabia

.sd       Sudan

.se       Sweden

.sg       Singapore

.sy       Syria

.tj       Tajikistan

.th      Thailand

.tr       Turkey

.us       United States of America

.uk       United Kingdom

.vn       Vietnam

.za       South Africa

.zw       Zimbabwe

.zm       Zambia

2. gTLD (Generic Top Level Domain)

Generic Top-Level Domain वो Domain है, जो किसी word को दर्शाता है,

 1).Com (company)

 2).Gov (Government)

 3).Edu (Educational)

 4).Net (Network)

 5).Org (Organization)


3. IDN ccTLD – (internationalized country code top-level domains)

ये डोमेन लगभग ccTLD (Country code Top Level Domain) की तरह ही होते है जैसे कि India का ccTLD domain name .in है। तो इसका IDN ccTLD Domain .भारत है। ऐसे ही Mainly, ये domain name country की national language में होते है।

Second Level Domain

Second-level domain एक ऐसा डोमेन है, जो वेब एड्रेस में एक्सटेंशन से पहले आता है जैसे www.rohitking.com में .com एक्सटेंशन से पहले rohitking आया हुआ है जो Second-level domain है।

Subdomain
Sub domain वो होते है जो डोमेन के आगे .[dot] लगाकर वर्ड जुड़ा होता है जैसे :-
  • en.wikipedia.org
  • hi.wikipedia.org

इसमें en, hi sub-domain है। अगर आपके पास कोई Domain है, तो आप उससे unlimited sub-domains  बना सकते है। जैसे www.rohitking.com से हम अनलिमिटेड डोमेन बना सकते है।

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