Firewall-kya-hai-in-hindi
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क्या आप जानते है Firewall क्या होता है, कैसे ये हमारे कंप्यूटर सिस्टम को सुरक्षित रखता है आज की ये पोस्ट हमारी Firewall पर आधारित है जिसमे हम जानेंगे कि Firewall क्या है, (Firewall in Hindi) और ये कैसे काम करता है, Firewall कितने प्रकार के होते है, इनके प्रकारो के बारे में बारीकी से बात करेंगे, इससे आपको क्या लाभ और नुकसान है, सबसे महत्वपूर्ण कि Firewall कैसे आपके बिज़नेस की सुरक्षा करता है और कौन सा Firewall ख़रीदे तो चलिए शुरू करते है

 

Firewall क्या है (Firewall in Hindi)

यदि मैं आपको एक शब्द में बताऊ तो "Firewall" हमारे कंप्यूटर की सुरक्षा के करने  काम आता है. अगर आपको अभी भी समझ नहीं आया. तो चलिए थोड़ा बारीकी से समझने की कोशिश करते है. जैसे हम सभी को सुरक्षा बहुत पसंद होती है. चाहे वो हमारी खुद की सुरक्षा हो या हमारे परिवार की या हमसे जुडी हुई चीजों की. खासकर वो चीजे जिन्हे हमने खुद के पैसे लगाकर ख़रीदा होता है.

जैसे बड़े लोग अपनी सुरक्षा के लिए बॉडीगार्ड रखते है. आम लोगो की सुरक्षा के लिए पुलिस होती है, देश की सुरक्षा के लिए फौजी होते है लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि हमारे devices की सुरक्षा कैसे होती है.

यदि कोई आपके devices पर बाहर से हमला करता है तो आप स्वयं उससे डिवाइस की सुरक्षा कर सकते है लेकिन यदि हमला करने वाला हमे दिखाई न दे और आपको बिना पता लगे आपके डिवाइस को नुकसान पहुचाये तो आप क्या करेंगे? आप कैसे अपने लेपटॉप, कंप्यूटर की सुरक्षा करेंगे? क्या आपने कभी इन प्रश्नो के बारे में सोचा है? यदि नहीं तो हम आपको बताते है "Firewall" का यही काम होता है। 

ये आपके डिवाइस को उस पर होने वाले मैलवेयर अटैक, डाटा चोरी होने से, डाटा को डिस्टोर्य होने से, बिना आपकी आज्ञा के डाटा को आपके कंप्यूटर से दूसरी जगह भेजने या आने से रोकता है। 



Firewall कैसे काम करता है

Firewall कंप्यूटर को सुरक्षित रखने के लिए उपयोग की जाने वाली तकनीक होती है. जो software program या hardware device के रूप में रहता है और हमारे कंप्यूटर की सुरक्षा करता है। ये एक सुरक्षा घेरे या दिवार के रूप में काम करता है.

आपको पता होगा कि सुरक्षा घेरा क्या होता है और ये कैसे काम करता है. इसमें बिना यूजर मतलब आपकी इजाजत के कोई भी डाटा न तो कंप्यूटर के अंदर आ सकता है. न ही बाहर जा सकता है. जब आप Firewall का उपयोग करते है तो ये पूरी तरह से सुरक्षा करता है.

उदाहरण के लिए- आप एक 5₹ का सिक्का ले और एक एल्युमिनियम के डिब्बे में रखकर अच्छे बंद कर दे। फिर उस डिब्बे को एक कमरे में रखके लॉक लगा दे। यहाँ पर 5₹ का सिक्का आपके डाटा के समान है और एल्युमिनियम का डिब्बा कंप्यूटर और कमरा Firewall in Hindi के समान है। यहाँ पर बिना आपकी इजाजत के कोई भी उस कमरे में नहीं जा सकता है 

और उस डिब्बे में न तो कोई चीज डाल सकता है, न ही उस डिब्बे में रखा 5₹ का सिक्का निकल सकता है। ये दोनों तरफ से सुरक्षा का काम करता है। ठीक यही प्रक्रिया Firewall, कंप्यूटर, डाटा के साथ होती है।

जब हम अपने कंप्यूटर को इंटरनेट से कनेक्ट करते है तो हम कई प्रकार की वेबसाइट को विजिट करते है गाने डाउनलोड करते है, ऑनलाइन वीडियो देखते है। ऐसे में हमारे कंप्यूटर तक आने वाले ट्रैफिक को Firewall रोकता है और फ़िल्टर करता है फिर हमारी इजाजत से आगे भेजता है। 

कई बार हमारे कंप्यूटर में बिना हमारी इजाजत के unwanted file और सॉफ्टवेयर डाउनलोड हो जाते है या computer virus अटैक करते है जिससे हमारे कंप्यूटर को बहुत नुकसान पहुँचता है Firewall इससे भी सुरक्षा करता है


Firewall के प्रकार (Types of Firewall in Hindi)

Hardware Firewall क्या है?

हार्डवेयर फ़ायरवॉल एक सर्वर की तरह ही Physical device है. जो आने वाले ट्रैफिक को फ़िल्टर करता है. जैसे सर्वर में नेटवर्क को केबल से जोड़ा जाता है. ठीक उसी प्रकार यह फ़ायरवॉल से जुड़ा हुआ होता है. यदि कई सारे कंप्यूटर एक सर्वर से जुड़े हुए होते है इसमें उपयोग किये जाने वाले router या modem में Firewall को इनेबल कर दिया जाता है  

इससे यदि आप इंटरनेट पर कोई काम करते है. तो उस स्थिति में कंप्यूटर पर वायरस अटैक, unwanted फाइल आ सकती है. जिससे फ़ायरवॉल सुरक्षा प्रदान करता है.



Software Firewall क्या है?

इस समय आ रहे कंप्यूटर सिस्टम में खुद Firewall in Hindi होता है चाहे वो Windows 10, 7, 8, Vista, XP हो। जिसे सॉफ्टवेयर फायरवॉल कहां जाता है. जब भी आप कोई नया सॉफ्टवेयर इनस्टॉल करते है तो आपको एक पॉप-उप बॉक्स दिखाई देता है. जिसमे लिखा होता है कि फायरवॉल ने इसे इनस्टॉल होने से रोक दिया है.

यदि आप चाहे तो उस सॉफ्टवेयर को परमिशन देकर इनस्टॉल कर सकते है. सॉफ्टवेयर Firewall in Hindi इसी तरह से काम करते है. और आपके सिस्टम को वायरस और हैकर से बचाते है.
ये एक नेटवर्क पर अलग अलग कंप्यूटर में स्थापित किए जाते हैं। ये आने वाले डेटा और जाने वाले डेटा दोनों को फ़िल्टर कर सकते है.



Packet-filtering Firewall क्या है?

एक Packet-filtering Firewall प्रत्येक पैकेट की जाँच करता है. जो भी आपके द्वारा आपके कंप्यूटर से अदान-प्रदान किया जाता है. पैकेट के परीक्षण नियमों को यूजर (मतलब आपके) द्वारा सेट किया जाता है.

यदि वह पैकेट उन नियमो को पास करता है. तो उस पैकेट को आगे भेजा जाता है नहीं तो उसे रोक दिया जाता है. ये छोटे नेटवर्क के सही है. लेकिन बड़े नेटवर्क के लिए सही नहीं है क्युकि ये सभी प्रकार के अटैक को नहीं रोक सकता है या नहीं लड़ सकता है.

Packet-filtering Firewall OSI मॉडल के नेटवर्क लेयर-3 पर काम करते हैं। ये Ip address, ports और protocols के आधार पर निर्णय लेते हैं। ये बहुत तेज़ होते हैं लेकिन इस प्रकार के Firewall in Hindi को बहुत सुरक्षित नहीं माना जाता है।

 

Stateful Inspection Firewall क्या है?

यह एक ऐसी Technology है जिसके द्वारा जो दो या दो से अधिक नेटवर्क के बीच होने वाले ट्रैफिक के अदान-प्रदान को नियंत्रित किया जाता है। इसे Dynamic packet filtering या Session-level protection भी कहते है

क्युकि ये प्रत्येक नेटवर्क की पूरी जानकारी रखते है और उसी आधार पर किसी को स्वीकृत या अस्वीकृत करने का निर्णय लेते हैं. ये एक प्रकार का Packet filtering है. जो यह नियंत्रित करने में मदद करता है. कि डेटा पैकेट एक फ़ायरवॉल के माध्यम से कैसे चलते हैं. ये आने वाले खतरनाक ट्रैफ़िक को Firewall technology के माध्यम से रोकने में मदद करता है.

1990 के दशक में, कुछ फर्मों ने Dynamic packet filtering का उपयोग शुरू किया। यहां पर सबसे पहले आउटगोइंग पैकेटों को ट्रैक किया गया। ऐसा इसलिए किया गया था जिससे पता लगाया जा सके कि पैकेट या ट्रैफिक कहा से आ रहा है. packet filtering का ये तरीका Firewall के लिए बहुत फायदेमंद साबित हुआ।


Application-level gateways क्या है?

इसे Proxy Server Firewalls भी कहते है। यह एक Firewall proxy होती है जो नेटवर्क की सुरक्षा करने का काम करती है और 
ये High-level secure सेकुरिटी प्रदान करते है इसमें आने वाले ट्रैफिक को कुछ नियमो के आधार पर फ़िल्टर किया जाता है जिसमे केवल सही और अच्छे डेटा को आगे भेजा जाता है। 

इस तरह के नेटवर्क में File Transfer Protocol (FTP), Telnet, Real Time Streaming Protocol (RTSP) और BitTorrent शामिल होते है। यह ठीक VPN की तरह काम करता है।

उदाहरण के लिए:- जब कोई यूजर किसी फाइल, Web-page या database तक पहुंचने के लिए रिक्वेस्ट करता है तो वो request पहले proxy server से जुड़ती है और मुख्य सर्वर के साथ एक कनेक्शन स्थापित करती है फिर उससे होकर वो request आप तक पहुँचती है।
प्रॉक्सी सर्वर Internet Protocol (IP) पते और ग्राहक की ओर से अन्य सुरक्षित जानकारी को छुपाता है।


Circuit-level gateways क्या है?

Circuit-level gateways प्रॉक्सी की तरह काम करता है. यह आने वाले और जाने वाले ट्रैफिक को फ़िल्टर करता है. जिसे Circuit level filtering कहा जाता है. ये डेटा को फ़िल्टर नहीं करता बल्कि उसके सोर्स को फ़िल्टर करता है.

मतलब ये की यदि कोई पैकेट भेजा गया है तो ये पैकेट के अंदर की जानकारी को फ़िल्टर नहीं करता है. बल्कि उसके स्थान पर ये फ़िल्टर करता है कि वो पैकेट कहा से भेजा गया है. जैसा की आपको पता है कि Application gateway, TCP डेटा पैकेट handshaking, फायरवॉल नियमों और नीतियों की निगरानी नहीं करते है जबकि Circuit-level gateways निगरानी करते है। 

प्रॉक्सी सर्वर कंप्यूटर के आंतरिक भाग और बाहरी भाग के लिए एक सुरक्षा दीवार का काम करती है. मतलब की यदि कोई वायरस कंप्यूटर के अंदर उपस्थित है. तो वो बाहर नहीं जा सकता है और न ही कोई वायरस बाहर से अंदर जा सकता है. जबकि Circuit-level gateway, प्रॉक्सी सर्वर और आंतरिक भाग के बीच एक वर्चुअल सर्किट का काम करता है.

जब कोई यूजर किसी वेब पेज को एक्सेस करना चाहता है. तो वो request इस गेटवे से गुजरती है तो ऐसे में Ip address का आदान-प्रदान किया जाता है.

इसके बाद वह request को आगे बढ़ाता है. जब रिक्वेस्ट बाहरी proxy server के पास पहुँचती है तो वो Ip address देखता है और वेब सर्वर प्रॉक्सी को उचित प्रतिक्रिया भेजता है. जहा से फिर लास्ट यूजर को जानकारी भेजी जाती है.


Cloud firewalls क्या है?

जैसा कि नाम सुनकर ही लग रहा है. Cloud firewall एक फ़ायरवॉल है. जिसे क्लाउड में होस्ट किया जाता है. ये क्लाउड प्लेटफ़ॉर्म, इन्फ्रास्ट्रक्चर और किसी सॉफ्टवेयर या एप्लिकेशन के चारों ओर एक वर्चुअल बैरियर बनाते हैं.

इसकी Security बहुत ज्यादा secure होती है. आप इस बात से समझ सकते है कि यदि आप इस फ़ायरवॉल का उपयोग करते है. तो यह बैंक में लगे कई कैमरे और कई बॉडीगार्ड को 24/7 तैनात करने के बराबर है.

Cloud firewall, software पर आधारित हैं. Cloud firewall में Scalability, Availability, Extensibility, Migration Security, Secure Access Parity, Identity Protection, Performance Management आदि सुविधाएं होती है. इस firewall का प्रयोग बैंको द्वारा ज्यादा किया जाता है.

Cloud firewall दो प्रकार के होते है.

1) Software-as-a-Service (SaaS) Firewalls  2) Next Generation Firewalls



SaaS क्या है?

SaaS सभी यूजर को सॉफ़्टवेयर प्रदान करता है. जिसमे वो cloud पर आधारित तरीको को प्रयोग करता है. यूजर को इसको यूज़ करने के लिए subscription लेना होता है. मतलब आपको हर monthly या yearly बेसेस पर पेमेंट करनी होगी.

ठीक उसी तरह जैसे हम लोग online streaming service जैसे Netflix, Amazon prime video, Hotstar आदि में subscription लेते है. यूजर किसी भी डिवाइस से सास एप्लिकेशन का उपयोग कर सकते हैं. सास एप्लिकेशन को ब्राउज़र या ऐप के माध्यम से एक्सेस किया जा सकता है.

 

Next-Generation firewalls क्या है?

Next-Generation firewalls सबसे बेहतर फ़ायरवॉल सेकुरिटी होती है. किसी भी संगठन या कंपनी को बाहरी खतरों से बचाने के लिए नेक्स्ट जनरेशन के फायरवॉल फिल्टर नेटवर्क ट्रैफ़िक का उपयोग करना सबसे बेहतर है. इसमें Packet filtering, VPN support, network monitoring और IP mapping की सुविधा होती है.

जिसे नेक्स्ट लेवल Firewall को दुसरो से अलग बनाती है. इसमें स्टेटफुल Firewall की सुविधाएं भी होती है. जिससे इसमें NGFW की तरह बारीकी से जाँच करने की छमता होती है.  जिससे इन्हे हमलों, मैलवेयर और अन्य खतरों की पहचान करने की बेहतर क्षमता मिलती है.

दूसरे प्रकार के Firewall में कुछ गड़बड़ी भी हो सकती है. जिससे कोई भी संगठन या कंपनी खतरे में पड़ सकती है. लेकिन NGFW से लेस ये Firewall किसी भी प्रकार की मुसीबत से लड़ने के लिए तैयार रहते है. और ये समय समय पर अपडेट भी होते रहते है.

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Firewall कैसे आपके बिज़नेस की सुरक्षा करता है

Firewall द्वारा निम्न प्रकार के काम किये जा सकते है. जिनकी मदद से आप अपने बिज़नेस को एक Next level पर लेके जा सकते है. ये उस प्रोग्राम को ब्लॉक कर देता है. जो आपके डेटा और नेटवर्क को नुकसान पंहुचा सकता है.

आपकी कंपनी के Financial accounts और Credit cards तक पहुंचने के लिए हैकर को रोकता है. यदि कोई गलत काम के लिए Customer data और Intellectual property का उपयोग करना चाहता है. तो उसे रोकता है आपके हार्डवेयर और बैंडविड्थ पर गलत प्रभाव करने वाले सॉफ़्टवेयर या मैलवेयर को ब्लॉक करता है.

बड़ी कंपनियों के लिए व्यापक नेटवर्क होते है जिनकी सुरक्षा के लिए बहुत जटिल फायरवॉल का उपयोग किया जाता है. कुछ Employees ऐसे होते है. जो महत्वपूर्ण डाटा बिना कंपनी की इजाजत के बाहर भेजते है ऐसे में Firewall उन्हें रोकता है. इसे कुछ खास वेबसाइट को एक्सेस करने से रोकने के लिए भी डिज़ाइन किया जाता है।

 

Firewall के लाभ

Monitors Traffic (ट्रैफ़िक पर नज़र रखना): 

Firewall आपके कंप्यूटर आपके कंप्यूटर में आने वाले और बाहर जाने वाले ट्रैफ़िक पर नज़र रखता है। ये डबल ड्यूटी करता है। जिस पैकेट के जरिये से आप कोई डाटा या सुचना बाहर भेजते है Firewall उसकी जाँच करते है कि उसमे क्या है यदि उसमे ऐसी कोई खतरनाक जानकारी है 
जो आपके कंप्यूटर या पहुंचने वाले कंप्यूटर को प्रभावित कर सकती है तो वो उसे रोक देता है।

 

Blocks Virus

Firewall trojan को ब्लॉक करने में मदद करता है. इस प्रकार के घुसपैठिए आपके फाइल की मदद से चलते है जहां-जहां आपकी फाइल जाती है वो भी उसी जरिये अपनी जगह बदलते रहते है। ट्रोजन विशेष रूप से खतरनाक होते हैं. क्योंकि वे चुपचाप अपना काम करते है.

और आपके कंप्यूटर को नुकसान पहुंचाते है. जब वे आपके वेब सर्वर तक पहुंचते है. तब उनके लक्षण देखने को मिलते है. लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी होती है. इससे पहले कि वे आपके कंप्यूटर को संक्रमित करने के लिए प्रवेश करे, फ़ायरवॉल उन्हें शुरू से ही ब्लॉक कर देता है. इसी तरह फ़ायरवॉल हैकर्स और spyware software को भी रोकता है और बेहतर Privacy, पूर्ण नियंत्रण प्रदान करता है.

 

Firewall के नुकसान

Cost (क़ीमत)

Firewall की कीमत इसके प्रकारों पर निर्धारित होती है. Software firewall की तुलना में हार्डवेयर फ़ायरवॉल अधिक महंगे होते हैं। क्युकि Hardware firewall की स्थापना और रखरखाव बहुत महंगी होती है 

क्युकि ये सब IT staff के बिना नहीं किये जा सकते है जबकि Software firewall में ज्यादा कुछ निवेश नहीं करना पड़ता है। इसीलिए ये सभी उपयोगकर्ता उपयोग कर सकते है।

 

Malware Attacks

जैसे कि मैंने आपको पहले बताया कि ये Trojans को रोकने में मदद करते है लेकिन कुछ हाईटेक प्रकार के मैलवेयर को रोकने की छमता इसमें नहीं होती है. कभी कभी आप ऐसी फाइल को कंप्यूटर में आने की परमिशन देते है जो देखने में सुरक्षित लगती है लेकिन असल में वो असुरक्षित होती है।

उन फाइल के जरिये इस प्रकार में Anti-malware software भेजे जा सकते है और सिस्टम में इनस्टॉल कर दिए जाते है। उन्हें हटाने का एकमात्र तरीका एंटी-मैलवेयर स्कैन है।

 

Complex Operations

छोटे बिज़नेस के लिए फ़ायरवॉल का रखरखाव आसान बना दिया गया. लेकिन बड़े संगठनों के लिए ये आज भी महंगा है. क्युकि इसके रख रखाव के लिए अलग से कर्मचारियों की आवश्यकता होती है. फ़ायरवॉल का कंप्यूटर के प्रदर्शन पर भी प्रभाव देखने को मिलता है. इससे कंप्यूटर की प्रदर्शन छमता धीमी हो जाती है.

यह कोई संदेह नहीं है कि फ़ायरवॉल आपके कंप्यूटर तक पहुंचने वाले Unauthorized access को रोकता है. लेकिन आम लोगो की नजर से ऐसे देखा जाये तो ये अच्छा है लेकिन बड़े संगठनों के लिए यह एक समस्या हो सकती है. फ़ायरवॉल को यूज़ करने के नियम व कानून बहुत सख्त होते है इसीलिए कंपनी में होने वाले उत्पादन में बुरा प्रभाव देखने को मिल सकता है.

 

Top Firewall providers companies

(Firewall को कहा से ख़रीदे)

ये कुछ Top Trusted Providers Company है जहा से आप Firewall को खरीद सकते है. मैं आपको बताना चाहूंगा कि आप हमेशा एक ट्रस्टेड जगह से ही Firewall को खरीदें. यदि आप ऐसा नहीं करते है तो ये आपके बिज़नेस और आपके कंप्यूटर सिस्टम लिए बहुत बुरा साबित हो सकता है

इन प्रोवाइडर्स के नाम के सामने एक्सपर्ट द्वारा इनकी Ratings दी गयी है. जिसमे 10 को बेस मानकर रेटिंग करी गयी है. जिसकी मदद से आप एक बेहतर Firewall प्रोवाइडर कंपनी चुन सकते है और अपनी आवश्यकता अनुसार Firewall खरीद सकते है.

 

Fortinet FortiGate Rating 8.6/10

pfSense  Rating 9.0/10

Cisco ASA NGFW   Rating 8.0/10

Cisco Firepower NGFW   Rating 7.9/10

Sophos XG  Rating 8.1/10

Palo Alto Networks NG Firewalls  Rating 8.4/10

Check Point Virtual Systems  Rating 8.2/10

Juniper SRX  Rating 7.3/10

Conclusion

दोस्तों आज हमने बात कि Firewall क्या होता है, (Firewall in Hindi) इसके कितने प्रकार होते है. उनके प्रकारो के बारे में बारीकी से बात की.

उम्मीद करते है आज की ये जानकारी आपको पसंद आयी होगी यदि आपको इससे कुछ सिखने को मिला है तो हमे कमेंट करके जरूर बताये और इसे शेयर जरूर करे। यदि आपके मन में  फ़ायरवॉल को लेकर अब भी कोई सवाल है तो हमे कमेंट करके जरूर बताये।

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